About Us – Our Journey

हमारी यात्रा — संघर्ष, विश्वास और एक नई शुरुआत

"यह सिर्फ एक शहर से दूसरे शहर की यात्रा नहीं थी। यह संघर्ष से मिले अनुभव, रिश्तों से बने भरोसे और एक नई जिंदगी की ओर बढ़ते कदमों की कहानी थी।"


तेहरान से पहला कदम

हमारी कहानी वर्ष 1974 में शुरू होती है, जब हमने भारत से निकलकर तेहरान, ईरान में अपने सफर की शुरुआत की। उस समय हमारे पास बड़े साधन नहीं थे, लेकिन हिम्मत, मेहनत और कुछ बड़ा करने का जुनून जरूर था।

ईरान में शुरुआती लगभग 18 महीने बेहद संघर्षपूर्ण रहे। लगातार कोशिशों के बावजूद कोई ऑर्डर नहीं मिल रहा था। लेकिन हमने हार नहीं मानी। हम बाजार में जाते, लोगों से मिलते, संपर्क बनाते और लगातार नए अवसर तलाशते रहे।


पहला बड़ा ऑर्डर और विश्वास की नींव

आखिरकार हमारी मेहनत रंग लाई। हमें Sanitary Fittings का लगभग 82,000 अमेरिकी डॉलर का एक बड़ा ऑर्डर मिला। इस ऑर्डर पर हमारी कमीशन 5 प्रतिशत थी, जो लगभग 4,000 अमेरिकी डॉलर बनी। सबसे महत्वपूर्ण बात यह थी कि हमने यह ऑर्डर एक भारतीय एक्सपोर्टर को दिलवाया था।

इस पहले बड़े ऑर्डर के बाद भारत में Sanitary Fittings के कई निर्माताओं तक हमारा नाम और हमारे संपर्क की जानकारी पहुँचने लगी। कुछ निर्माताओं ने स्वयं हमसे संपर्क करना शुरू किया। उन्होंने हमसे कहा कि यदि हम दूसरे भारतीय निर्माता को ऑर्डर दिलवा सकते हैं, तो क्या उन्हें भी ईरान में ऑर्डर दिलवा सकते हैं।

हमने उन्हें स्पष्ट रूप से कहा कि वे अपने सैंपल और प्राइस लिस्ट भेजें। हमने अपनी कार्यप्रणाली भी साफ रखी—हम 5 प्रतिशत कमीशन पर काम करेंगे और पूरी ईमानदारी के साथ काम करेंगे।

कुछ समय बाद एक निर्माता स्वयं भारत से फ्लाइट लेकर तेहरान पहुँचा। उन्होंने हमें फोन करके बताया कि वे तेहरान आ चुके हैं और अब हम उन्हें खरीदारों से मिलवाएँ। हम उनके होटल गए, उन्हें अपने साथ मार्केट में लेकर गए और खरीदारों से मुलाकात करवाई।

हमारी कोशिश सफल रही और उन्हें भी एक बड़ा ऑर्डर मिला। यह ऑर्डर लगभग 10 लाख भारतीय रुपये का था—उस समय के हिसाब से यह बहुत बड़ा ऑर्डर था। इस तरह धीरे-धीरे हमारा भरोसा भारतीय निर्माताओं और ईरान के खरीदारों, दोनों के बीच मजबूत होता गया।


Reliance Traders और Iran Saral International

लगातार दूसरों को ऑर्डर दिलाते-दिलाते हमारे मन में विचार आया कि क्यों न अपने परिवार के साथ मिलकर खुद एक्सपोर्ट का काम शुरू किया जाए। हमारे दो भाइयों ने भारत में मिलकर एक एक्सपोर्ट कंपनी शुरू की, जिसका नाम रखा गया Reliance Traders

उसी समय ईरान में अपने काम के लिए हमने एक अलग कंपनी बनाई, जिसका नाम रखा गया Iran Saral International। इस नाम में हमारी धर्मपत्नी सरल जी के नाम को शामिल किया गया था। इसी कंपनी के नाम से हम ईरान के अंदर अपना व्यापारिक काम करते थे।


विवाह और नई चुनौतियाँ

हमने ईरान में काफी समय तक मेहनत की और व्यापार को आगे बढ़ाया। इसी दौरान हमारे जीवन में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव आया—हमारी शादी।
7 दिसंबर 1977 को दिल्ली में हमारा विवाह हुआ।

शादी के बाद हम अपनी पत्नी के साथ हनीमून पर मुंबई, गोवा और महाबलेश्वर गए। इस दौरान भी हमारा ध्यान अपने व्यापार और ईरान के खरीदारों से जुड़े काम पर बना रहा।

हनीमून के दौरान हमने अपने एक खरीदार को फोन किया, क्योंकि काफी समय से उनसे बात नहीं हुई थी। बातचीत में हमें पता चला कि भारत के एक सप्लायर, मिस्टर जैन, उनके ऑफिस गए थे और उन्होंने खरीदार से कहा था कि राम अरोड़ा ईरान छोड़ चुके हैं और अब वे सीधे उन्हें ऑर्डर दे सकते हैं।

हमने तुरंत अपने खरीदार को स्पष्ट किया कि ऐसी कोई बात नहीं है। हम केवल अपनी शादी के लिए भारत आए हैं और जल्द ही वापस ईरान लौटेंगे।

इसके बाद हमने वापस तेहरान जाने का फैसला किया। जनवरी 1978 में हम वापस तेहरान, ईरान पहुँचे।


लंदन की ओर कदम: नया अध्याय

तेहरान लौटने के बाद हमने फिर से अपना काम शुरू किया। हालांकि उस समय व्यापार थोड़ा धीमा था और जनवरी, फरवरी, मार्च तथा अप्रैल के दौरान कोई विशेष ऑर्डर तैयार नहीं थे। इसी बीच हमारे जीवन में एक नई योजना बनी।

हमने अपनी पत्नी के साथ तय किया कि अब तेहरान से लंदन जाएंगे। हमारी पहले से इच्छा थी कि हमारे बच्चे लंदन में पैदा हों।

आखिरकार यात्रा का समय आया।
6 जून 1978 को हम तेहरान से मॉस्को, रूस गए। मॉस्को में हम लगभग तीन-चार दिन रुके। इसके बाद मॉस्को से लंदन के लिए रवाना हुए। लंदन पहुँचने के बाद हम अपने मित्र अशोक कालरा के पिता के घर पर ठहरे।

यहीं तक हमारी कहानी का यह पहला अध्याय समाप्त होता है। ईरान में शुरू हुआ यह सफर अब लंदन की एक नई शुरुआत की ओर बढ़ चुका था, जिसने आज LWS (Live With Style) के रूप में एक नई पहचान बनाई है।